Wednesday, June 29

अब मात्र 72 घंटों में बनकर तैयार होंगे घर, नई तकनीक का कमाल

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कैसा हो यदि देर शाम आप तय करें कि आपको अपना घर बनाना है। अगली सुबह आप सबकुछ तय करें और इसके बाद अगले 72 घंटों में आपका सपनों का घर बनकर तैयार हो जाए। यह यकीनन किसी काल्‍पनिक दुनिया जैसी बात लग सकती है। लेकिन यह अब हकीकत है। नेशनल रियल एस्‍टेट डवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) ने एक नई हाउसिंग टेक्‍नोलॉजी लॉन्‍च की है। इसके तहत अब महज 72 घंटों में इमारत बनकर तैयार हो जाएगी। यह इमारत हल्‍के स्‍टील से बनी होगी, जिसे ऑनसाइट असेम्‍बल कर तैयार किया जाएगा। मजबूती के मामले में भी बेहतर नई तकनीक से बनी यह इमारत मजबूती के सभी मापदंडों पर भी खरी उतरेगी। इसे इस तरह तैयार किया जाएगा कि यह मौसम की मार और तमाम प्राकृतिक आपदाओं को झेलने में सक्षम होगी। उत्तरी कर्नाटक में हाल ही आई बाढ़ ने बहुत नुकसान पहुंचाया। ऐसे में लोगों के लिए वैकल्‍प‍िक घर एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए NAREDCO ने यह फैसला किया है और पीड़‍ितों के पुनर्वास की व्‍यवस्‍था की है। सीमेंट का कम से कम इस्‍तेमाल NAREDCO कर्नाटक चैप्‍टर के प्रेसिडेंट एम. सतीश कुमार ने इस बाबत ‘द न्‍यू इंडियन एक्‍सप्रेस’ से बात की। वह कहते हैं, ‘अभी हमने आपदा पीड़‍ित लोग आस-पास के स्‍कूलों में रह रहे हैं। लेकिन लोग वहां कब तक रहेंगे?’ सतीश कुमार आगे बताते हैं कि नई तकनीक से बनने वाले घरों में हल्‍के स्‍टील का इस्‍तेमाल किया जाएगा, जबकि इसमें पारंपरिक घर निर्माण के मुकाबले 20 फीसदी सीमेंट का प्रयोग किया जाएगा। NAREDCO दूसरे सरकारी विभागों से भी संपर्क में है ताकि बड़े स्‍तर पर एकसाथ घरों का निर्माण कार्य पूरा किया जा सके। ईको-फ्रेंडली होंगे ये घर कर्नाटक में इसी तर्ज पर 2017-18 के बीच 60 दिनों में 70 अस्‍पतालों का निर्माण किया गया था। बताया जाता है कि ये घर कम से कम 100 साल आराम से टिकेंगे। दिलचस्‍प बात यह है कि इन घरों के निर्माण का खर्च भी पारंपरिक घर के बराबर ही है। जबकि इस नई तकनीक से बनने वाले घर ईको-फ्रेंडली होंगे। ऐसा इसलिए कि इनमें पक्‍के ईंटों, नदियों से कटने वाले रेत का इस्‍तेमाल नहीं होगा। घर का वजन भी होगा बेहद कम काउंसिल का यह भी दावा है कि इस तकनीक की मदद से 20,500 स्‍क्‍वायर फीट का घर भी कुछ हफ्तों में बनकर तैयार किया जा सकता है। इन घरों का वजन पारंपरिक घरों के मुकाबले 1/10 है।