उन्नाव पीड़िता को पुलिस ने ढाई महीने दौड़ाया, कोर्ट-महिला आयोग के दबाव में दर्ज की रिपोर्ट

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बृहस्पतिवार की सुबह पेट्रोल डालकर जलाई गई सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता आरोपियों पर कार्रवाई के लिए ढाई माह तक रायबरेली के लालगंज व उन्नाव के बिहार थाना पुलिस के चक्कर काटती रही। 

पीड़िता के पिता का आरोप है कि एक आरोपी के पिता व ग्राम प्रधान के पति के सत्तादल के लोगों से नजदीकी होने के कारण पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। करीब ढाई माह बाद कोर्ट और महिला आयोग के दबाव में पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन आरोपी को जेल नहीं भेजा।

पीड़िता को जलाए जाने की सूचना पर उसके पिता सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां बेटी के लखनऊ रेफर होने पर वह फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर 2018 को आरोपियों शिवम त्रिवेदी व शुभम त्रिवेदी ने बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया। 

इससे पहले मुख्य आरोपी शिवम शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण कर रहा था। पूरी तरह टूट चुकी बेटी सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के अगले दिन रिपोर्ट दर्ज कराने बिहार थाने पहुंची। मामला प्रधान के बेटे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने जांच की बात कह उसे चलता कर दिया। 

इसके बाद पीड़िता रायबरेली के लालगंज थाना पहुंची। यहां भी प्रधान पति के दबाव में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज न कर जांच की बात कह बेटी को चलता कर दिया। इस पर उसने रायबरेली कोर्ट और महिला आयोग की अध्यक्ष से न्याय की गुहार लगाई। 

कोर्ट और महिला आयोग के दबाव में पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। करीब छह माह बाद इस साल 19 सितंबर को आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया लेकिन दूसरे आरोपी प्रधान पुत्र की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। संवाद


सुलह के लिए बार-बार धमकी
पीड़िता के पिता का कहना है कि मुकदमा वापस लेने के लिए प्रधान पति, उसके परिजन व रिश्तेदार दस से अधिक बार धमकी दे चुके थे। करीब दो माह पहले उनकी पत्नी को वाहन से कुचलने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उन्हें भी कई बार रास्ते में रोककर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की, मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। 

पीड़िता के चाचा पिछले कई साल से शुक्लागंज में रह रहे हैं। भतीजी को आग के हवाले किए जाने की जानकारी पर वह भी पत्नी के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि बीते रविवार को प्रधान पक्ष का एक रिश्तेदार उनके घर पहुंचा और मामला निपटाने की बात कही। उनके विरोध करने पर जान से हाथ धोने की धमकी दी।


राष्ट्रीय महिला आयोग ने जताई चिंता, उन्नाव मामले में डीजीपी से मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई है। आयोग ने उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता को जलाए जाने के मामले में प्रदेश के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने डीजीपी ओपी सिंह को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कई कानून होने का बाद भी उनके प्रति अपराध बढ़ने से आयोग चिंतित है। 

तेलंगाना कांड के एक हफ्ते बाद ही यूपी के उन्नाव में ऐसी घटना हुई जहां दुराचार की पीड़िता को जला दिया गया। मामले की गंभीरता के देखते हुए इस मामले में दुराचार की एफआईआर दर्ज कराए जाने से अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ पीड़िता को सुरक्षा उपलब्ध न करा पाने के दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की पूरी आख्या भेजी जाए। 

आयोग ने प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान महिलाओं के प्रति हुए गंभीर अपराधों और इनमें मिली जमानत के मामलों की विस्तृत आख्या मुहैया कराने के लिए भी कहा है।


अखिलेश बोले, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे राज्य सरकार

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता को पेट्रोल डालकर जलाने और दुष्कर्म व हत्या की अन्य घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहू-बेटियां दहशत भरी जिंदगी जी रही हैं। जिस तरह उनके साथ दुष्कर्म, अत्याचार और उनकी हत्याओं की खबरें आ रही है, वे दिल दहलाने वाली हैं।

सुरक्षा की दृष्टि से प्रदेश की लड़कियों व महिलाओं के लिए सबसे खराब दौर है। यह घोर निंदनीय है। भाजपा सरकार ने यूपी को जघन्य हत्या प्रदेश बना दिया है। कानून व्यवस्था उनसे संभाले नहीं संभल रही है। सरकार अपने सांविधानिक दायित्वों के निर्वहन में विफल है। इसलिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए भाजपा सरकार को सामूहिक इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्नाव में एक युवती के साथ दुष्कर्म के बाद उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला देने की घटना प्रदेश के लिए कलंक है। सपा अध्यक्ष ने कहा, दबंगों को खाकी या कानून का कतई डर नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री के अपराध नियंत्रण के दावे हवाई साबित हो चुके हैं। झूठे आंकड़ों से बचाव की भाजपा सरकार की कुचेष्टा शर्मनाक है।

बेटियों के साथ हो रहीं दुष्कर्म की घटनाओं पर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा कि अपराध रोकने की गारंटी तो भगवान राम भी नहीं दे पाए। जब समाज है तो अपराध होंगे। लेकिन यदि किसी ने अपराध किया है तो वह जेल जाएगा यह निश्चित है।

राज्यमंत्री धुन्नी सिंह बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार किसी भी मोर्चे पर विफल नहीं है। आजादी के बाद से यह पहली सरकार है जिसमें अपराधियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जाता है, बल्कि उन्हें सीधे जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में सबसे ज्यादा अपराधी जेल भेजे गए हैं। संवाद

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