दुनिया की सारी टीमें हमारी बोलिंग यूनिट से परेशान हैं-भुवनेश्वर कुमार

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नई दिल्ली (16 मई): वर्ल्ड कप के शुरु होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। सारी टीमें अपनी-अपनी तैयारियों में लगी है। भारतीय टीम के मुख्य तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार जो नई गेंद से स्विंग करने में माहिर माने जाते हैं। वो भारतीय टीम के प्रमुख हथियारों में एक हैं। भुवी ने अपनी स्पीड को बढ़ा लिया है और अब वो 140-145 की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। डेथ ओवर में वो अपने नकल बॉल और स्लोअर वन से किसी भी बल्लेबाज को चकमा दे सकते हैं।29 वर्षीय यह बोलर आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के साथ था और वर्ल्ड कप में वह अपने प्रदर्शन से गहरा असर छोड़ना चाहते हैं। एक इंटरव्यू में भुवनेश्वर कुमार ने विश्व की सभी टीमों को सनधान किया है। उन्होंने कहा कि सभी टीमें भारतीय गेंदबाजी से सावधान रहेगी। मैं इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता कि हम बेस्ट बोलिंग अटैक हैं अथवा नहीं क्योंकि मैदान पर हमारा प्रदर्शन ही बताता है कि हम क्या हैं। पिछले कुछ वर्षों में हमारा खेल हमारे बारे में बताता है। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण लगातार मजबूत हुआ है। आज हम कह सकते हैं कि हमारा गेंदबाजी आक्रमण किसी भी विकेट पर प्रभावी प्रदर्शन कर सकता है।

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भुवी ने कहा, हम सबकी अपनी अलग ताकत है, इसी से हम एक बोलिंग यूनिट बनते हैं। यह हमेशा अच्छी बात है कि अंतिम 11 में जगह बनाने वाले खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। एक बोलिंग यूनिट के तौर पर हमें विश्वास है कि हम किसी भी परिस्थिति में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। बल्लेबाजों को पता है कि कौन सा गेंदबाज नकल बॉल फेंक सकता है और वे इसके लिए तैयार रहते हैं। लेकिन इसके साथ ही यह हम गेंदबाजों को यह गेंद फेंकते हुए और समझदार होने का भी मौका देता है।

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भुवी ने आगे कहा कि, आईपीएल ने बेशक खिलाड़ियों को जरूरी मैच प्रैक्टिस मुहैया करवाई है। जब आप रन बनाते हैं या विकेट लेते हैं तो आत्मविश्वास अपने आप ही बढ़ जाता है। अच्छी लय और विकेट हासिल करना जरूरी होता है और मैं सनराइजर्स के लिए ऐसा कर पाया। मैं मानता हूं कि बीते कुछ वर्षों में इंग्लैंड की पिचें सपाट हो गई हैं लेकिन टीमें भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को हल्के में नहीं लेंगी। हम शुरुआत और अंत दोनों जगह दबाव डाल सकते हैं। यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि मैच के दिन हम अपने प्लान को कैसे अमल में लाते हैं। मुझे हमेशा से इंग्लैंड में गेंदबाजी करना पसंद है क्योंकि वहां गेंद स्विंग होती है, जो मेरी ताकत है। भारत के उलट इंग्लैंड में मैच के साथ-साथ पिच स्लो नहीं होती। तो भले ही गेंद स्विंग हो या नहीं, मेरे पास प्लान हैं।

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