Wednesday, June 29

पंक्चर मिस्त्री ने खोला सबसे बड़ा राज, जानिए

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तेलंगाना के हैदराबाद की डॉक्टर से हुई हैवानियत के मामले को सुलझाने में एक पंक्चर मिस्त्री और सीसीटीवी फुटेज की अहम भूमिका रही है। कैमरे से मिली फुटेज और मिस्री की मदद से पुलिस ने 48 घंटों के भीतर मामले को सुलझा लेने का दावा किया। दरअसल, पीड़िता की बहन ने पुलिस को बताया था कि बड़ी बहन ने उसे फोन पर कहा था कि उसकी गाड़ी में पंक्चर हो गया है और कुछ लोग इसे ठीक कराने के लिए गाड़ी ले गए हैं।
इस अहम जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस ने आसपास के पंक्चर वालों को खोजना शुरू किया। इसी दौरान एक मिस्त्री ने बताया कि उस रात को एक व्यक्ति लाल रंग की बाइक में पंक्चर हुए टायर में हवा भरवाने आया था। इस पहले सुराग के बाद पुलिस का काम आसान हो गया। डॉक्टर को फंसाने के लिए इन चारों ने जो जाल चारों ने बिछाया था, उसी वजह से उनका पर्दाफाश भी हो गया।

इस मामले के चारों आरोपियों- मोहम्मद आरिफ, शिवा, नवीन और केशवुलु ने वारदात को अंजाम देने से पहले टोंडूपल्ली टोल प्लाजा पर शराब पी थी। उन्होंने इस महिला डॉक्टर को भी शराब पिलाने की जबरन कोशिश भी की। सीसीटीवी फुटेज से ट्रक का नंबर निकाल कर उसके मालिक से संपर्क किया गया। इस पर ट्रक मालिक ने आरिफ के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने फौरन आरिफ और उसके साथियों को पकड़ लिया।



चारों को हिरासत में देने की मांग करेगी पुलिस-

पुलिस ने कहा है कि वह चारों आरोपियों से आगे पूछताछ के लिए अदालत में याचिका दायर कर उन्हें उनकी हिरासत की मांग करेगी। ये लोग अभी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस पेट्रोल बोतल में देने को लेकर कानूनी राय ले रही है। आरोपियों ने एक पेट्रोल पंप से बोतल में पेट्रोल खरीदा और डॉक्टर पर डाल कर आग लगा दी। वे पहले जिस पेट्रोल पंप पर गए थे वहां उन्हें बोतल में पेट्रोल देने से मना कर दिया गया था। पेट्रोलियम डीलर के संगठन के एक अधिकारी के अनुसार कानूनन थोड़ी मात्रा में ऐसा किया जा सकता है।