प्याज और लहसन 200 के पार

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महंगाई की मार उपर  से प्याज बीमार कहना गलत नहीं होगा हरी सब्जियां के कमरतोड़ दाम साथ ही प्याज के हाडतोड  बढे.  दाम  लोगो को  प्याजी आंसू बहाने को  मजबूर किया है प्याज के आसमान छूते दाम माध्यम वर्ग के थालीयो के स्वाद को फीकी कर दी है ,

कुछ व्यापारियों ने कहा कि पिछे पैदावार कम है, कुछ मौसम को दोसी बताते है कहते प्याज की खेती कम है,,खेतो मे पानी है बात  करे तो,   10 से 20 रूपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज 100 से 150   रूपये प्रति किलो बिक रहा है,

सरकार भी दाम पर लगाम लगाने की योजना व उपाय कर रही है पर प्याज भाई के साथ साथ लहसुन बहन कम नहीं है  जैसे लगता हैं दोनो  मे दाम को लेकर कोई पर्तीयोगीता हो ,रही हो कि मै आगे तो मै आगे   लहसुन 200 रुपये  पर किलो है

 ,सच्चाई साफ है आनेवाले समय  मे सरकार के तरफ से कोई उचित कदम नही उठाये गये तो    प्याज स्वाद नहीं शोभा की वस्तु बन जायेगी   ,खासकर मध्यम वर्गो को  महंगाई की  भारी मार झेलनी पडेगी  ,

कई गृहणियों  से  हमने प्याज और लहसन के बढे  दाम के बारे में हमने बात की तो उनका जबाब साफ था ,क्या करे ,महंगाई से घर का बजट बिगड जुका है ,ऐसे मे  प्याज लहसन के  आसमान छू  के  किलो की जगह पांव से काम  जलाना मजबूरी है  ,  दाम    को  देखकर  यह   कहना  गलत नहीं होगा कि प्याज अनार के  बराबर हो गया है सोसल मिडीया  हो या न्युज चैनल सभी पर प्याज को लेकर सियासी जंग छिडा हुवा है 

maalaxmi