Wednesday, June 29

लालू यादव के गुनाहों का 'मकबरा', तस्वीरें देखकर रूह कांप जाएगी

[ad_1]

लालू यादव के गुनाहों का ‘मकबरा’ है KMCEL, लालू ने कैसे इंजीनियर्स को भीख मांगने पर मजबूर कर दिया इसकी मिसाल है निरसा के कुमारधुबी का KMCEL. लालू के फैसलों ने कैसे एक शहर को बर्बाद कर दिया इसकी मिसाल है KMCEL. कैसे एक फैसले ने हजारों परिवारों का पालनहार छीन लिया इसकी मिसाल है



कौन पूछेगा इस गुनाह के मकबरे पर लालू से सवाल-

लालू यादव, लालू जेल में है. उनसे कौन सवाल पूछेगा. बिहार और झारखंड की प्रगति की रफ्तार में लालू यादव का जो ऐतिहासिक योगदान है उसकी तस्वीरें देखकर आत्मा कांप जाती है. झारखंड में एक ओर चुनाव हो रहा है. विधानसभा चुनाव के लिए निरसा में भी चुनावी माहौल है, मगर गायब है इस शहर का सबसे बड़ा मुद्दा. औद्योगिक शहर निरसा के खत्म होने का मुद्दा. कुमारधुबी मेटल कास्टिंग एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड की ये दरों-दीवारें राजनीतिक अपराध की वो दास्तां है जिसे सुनकर आप नेताओं और उनकी नेतागिरी से नफरत करने लगेंगे. कभी जिस फैक्टरी का नाम पूरे एशिया में मशहूर था. यूरोप और अमेरिका में निर्यात होता था वो अब भूतहा खंडहर हो चुकी है. राजनीतिक भ्रष्टाचार की अमर बेल में विकास के चक्के ऐसे जकड़े पड़े हैं मानों हजारों साल पुरानी फैक्टरी हो ये. हर चीज में कभी यहां जिंदगी का जश्न होता था. लोहे की ये औजारें, मशीनें अगर बोल पातीं तो बताती की लालू राज और उसके बाद की सरकारों की सोच में कितनी जंग लग चुकी थी और अभी लगी है जिसने उनका ये हाल कर दिया. जिन औजारों ने देश की तरक्की में बहुत बड़ा योगदान दिया वो मुर्दा पड़ी हैं. लोहे की मशीनें, ये खंडहर, ये दीवारें, टूटी छत, खिड़कियां चीख-चीख कर उस गुनाह का सबूत दे रही हैं जिसने यहां काम करने वालों हजारों परिवारों को भीख मांगने पर मजबूर कर दिया. जो यहां इंजीनियर थे वे इसी फैक्टरी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे हैं. ऐसे ही एक शख्स सर्वदीप से हुई हमारी मुलाकात. उनसे सवाल पूछते ही सबसे पहले बर्बादी के लिए लालू यादव और टाटा कंपनी का नाम लेते हैं. बताते हैं की किसी समय यहां के उत्पादों की मांग दुनिया भर में होती थी लेकिन लालू यादव की डिमांड ने इसे खंडहर बना दिया.