Wednesday, June 29

हैदराबाद की बेटी से हैवानियत पर देश भर में उबाल, योगी सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

[ad_1]

हैदराबाद की डॉक्टर बेटी संग हैवानियत को लेकर सड़क से संसद तक हंगामा मचा हुआ है। लोगों के जेहन में गुस्सा और आंखों में आंसू हैं। हर कोई दरिंदों के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहा है कि ताकि कोई दुष्कर्मी फिर ऐसा दुस्साहस नहीं कर सके। यूपी सहित पूरे देश में महिला अत्याचार के खिलाफ विरोध की बयार चल रही है। सूबे की सियासी गलियारों में लॉ एंड ऑर्डर का मुद्दा छाया हुआ है। राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी राज्य में महिला अपराध के मुद्दों पर बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं। एक हफ्ते पहले हैदराबाद हुए 27 वर्षीय डॉक्टर के रेप व मर्डर केस के बीच यूपी में महिलाओं से अपराधिक घटनाएं रुक नहीं रही हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था अन्य प्रदेशों से बेहतर है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक, बलात्कार के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर आता है, जहां 4,816 बलात्कार के मामले दर्ज हुए हैं। कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि 2017 के बाद से आज तक एनसीआरबी की कोई रिपोर्ट सार्वजानिक क्यों नहीं हुई। यह दर्शाता है कि सरकार मामलों को छिपाना चाहती है, जबकि 2017 से पहले प्रत्येक वर्ष रिपोर्ट पब्लिश होती थी। इससे पता चलता है कि सरकार अपराधियों-बलात्कारियों को बढ़ावा दे रही है।

मैनपुरी के नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत का मामला हो या उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म केस या फिर चिन्मयानंद प्रकरण, प्रियंका गांधी की अगुआई में कांग्रेसी हर मामले में बीजेपी सरकार को घेर रहे हैं। सपाई भी खामोश नहीं हैं, महिला अपराध के मुद्दे पर वह सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने भी ट्वीट कर सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की है।

महिला अपराध के मामलों में यूपी सबसे ऊपर : प्रियंका गांधी-


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में यूपी सबसे ऊपर है। अपराधियों के खिलाफ मामले ही नहीं दर्ज होते। और अगर मामला रसूख वाले भाजपा विधायक का है तो पहले एफआइआर में देरी होती है, फिर गिरफ्तारी में और अब ट्रायल लटका पड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्नाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि 45 दिन में ट्रायल पूरा किया जाए। 80 दिन बीत चुके हैं। अभी तक ट्रायल पूरा नहीं हुआ।