अपनी शादी बिगडने को दिखायेंगी दीपशिखा, कहा नये सीरियल मे समाज की कमिया दिखायेंगी

अपनी शादी बिगडने को दिखायेंगी दीपशिखा, कहा नये सीरियल मे समाज की कमिया दिखायेंगी

दीपशिखा नागपाल जो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सहायक कलाकार के रूप में काफी लोकप्रिय हुई साथ ही उन्होंने टीवी जगत में भी काफी अच्छा काम कर अपना नाम कमाया। हाल ही में शो के प्रमोशन के लिए दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कुछ बड़ी बातें बोली। साथ ही अपने पर्सनल लाइफ से जुड़े हुए कई ऐसे राजो पर से भी पर्दा उठाया जो समाज के लिए काफी जरूरी भी थे। दीपशिखा की प्रोफेशनल लाइफ जितनी अच्छी रही है उतनी ही खराब उनकी पर्सनल लाइफ रही है। उन्होंने दो शादियां की और दोनों ही नहीं चल पाई जिस वजह से उन्हें जिंदगी जीने का काफी अनुभव भी मिला। जिसे वे सबके साथ साझा करती हुई नजर आई और आज की जनरेशन के लोगों को आगे बढ़कर अपनी बात रखने का हौसला भी दिया। जानिए कैसे दीपशिखा ने समाज की कुरीतियों पर अपने विचार रखे।

मलाइका-अर्जुन का उदाहरण देकर उम्र की परंपरा पर कसा तंज।

दिए गए इंटरव्यू में दीपिका ने न्यू जनरेशन के लिए बहुत ही बड़ी बातें कही। स्टार भारत चैनल पर उनका नया सीरियल आने वाला है जिसका नाम है ‘ना उम्र की कोई सीमा हो’। जिसमें वे उम्र को आधार बनाकर होने वाले विवादों पर बात करती नजर आई उन्होंने कहा अगर पति उम्र से ज्यादा बड़ा हो तब भी समाज उसे नहीं स्वीकारता और अगर उम्र से छोटा हो तब भी नहीं स्वीकारता। साथ ही उन्होंने अर्जुन और मलाइका का उदाहरण देकर कहा कि वे उन दोनों की जोड़ी को बेहद पसंद करती हैं लेकिन लोगों ने उनकी उम्र की वजह से उन्हें काफी ट्रोल करते हैं जो कि बहुत ही गलत है। दीपशिखा ने अपनी जिंदगी के बारे में बताया कि उनका पहला पति उम्र में काफी बड़ा था और दूसरा उनसे उम्र में छोटा था जिसकी वजह से उन्हें समाज के बहुत से तानो का सामना भी करना पड़ा जिसके चलते उनकी दोनों शादियां नहीं टिक पाई। वे सभी को कहती नजर आई कि वह जिन से प्यार करते हैं उनके लिए कदम जरूर उठाएं।

पति परमेश्वर कहलाने लायक नही हो तो कैसे कहे– दीपशिखा

दीपशिखा ने समाज पर तंज कसते हुए कहा कि जब दो लोग एक दूसरे को नहीं जानते तब भी उनको एक रिश्ते के बंधन में बांध दिया जाता है और इस वजह से दोनों में आगे जाकर काफी विवाद भी होते हैं और शादियां टूटने की कगार पर आ जाती है। वहीं अगर दो व्यक्ति एक दूसरे को पहले से जानते होंगे तो उनमें इतनी समस्याएं नहीं आएगी। लेकिन समाज इन बातों को नहीं अपनाता और उनके नजरिए में यह सब गलत होता है दीपशिखा ने कहा कि माता-पिता अपनी बेटियों को सिखाते हैं कि पति परमेश्वर होता है लेकिन यदि वह परमेश्वर कहलाने के लायक ही नहीं होगा तो कैसे कहेंगे। क्योंकि आजकल बहुत से ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं जिसमें सहना तो लड़कियों को ही पड़ता है। उन्होंने अपनी बातों के माध्यम से समाज को जागरूक करने की काफी कोशिश भी की जो नई जनरेशन और समाज के लिए काफी आवश्यक है।

surajj