8 साल की उम्र में शादी, फिर भी नहीं मानी हार, जीता गोल्ड मेडल, ऐसी है राजस्थान की पहली ‘गोल्डन गर्ल’ प्रिया सिंह की कहानी….

8 साल की उम्र में शादी, फिर भी नहीं मानी हार, जीता गोल्ड मेडल, ऐसी है राजस्थान की पहली ‘गोल्डन गर्ल’ प्रिया सिंह की कहानी….

आप तो जानते ही होंगे कि इस 21वीं सदी में महिलाएं इतनी तरक्की कर चूकी है कि वह अब कंधे से कंधे मिलाकर चलने का दम रखती है। ऐसे में कई महिलाएं है, जिन्होंने पुरुषों से कई ज्यादा बेहतर तरक्की की और निरंतर कर रही है। आज लडकियों किसी भी क्षेत्र में लडकों से पीछे नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में वे लडकों को कडी टक्कर देती हुई नजर आती है।

इस बात को राजस्थान को बॉडीबिल्डरक महिला प्रिया सिंह सिद्ध करती है। प्रिया राजस्थान के बीकानेर की दलित परिवार में जन्म हुआ था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में एक गोल्ड मेडल जीतकर अपना और अपने प्रदेश के साथ साथ अपने देश का नाम रोशन किया।

 

आप को बता दें कि थाईलैंड में हुई आंतरराष्ट्रीय महिला बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में राजस्थान के बीकानेर की प्रिया सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत ने उन्हें काफी लोकप्रिय बनाया।

 

हाल में ही उन्हें मुंबई में रियल हीरोज ऑफ इंडिया का खिताब दिया गया। थाईलैंड में अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता जीतने वाली प्रिया सिंह की निजी जिंदगी में काफी उथल पुथल रही। उनकी शादी महज आठ बरस की उम्र में ही करा दी गयी थी।

 

घर में पैसों की तंगी की वजह से उन्हें जिम में काम करना पड़ा। वहाँ काम करते हुए उन्होंने देश में आयोजित कई बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में भाग लेना शुरू किया। देश में आयोजित हो रहे बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में भाग लेकर वह तीन बार लगातार मिस राजस्थान रह चुकी हैं। उनका मानना है कि उनकी जिनकी नौकरी नहीं उन्होंने इस सेहत को बनाने में सहायता दी।

 

जिसके बाद खुद उन्होंने जिम ट्रेनिंग ली औऱ राजस्थान की पहली महिला बॉडी बिल्डर बनने दुनिया में इंडिया का नाम रोशन किया। हैरान करने वाली बात ये है कि प्रिया सिंह दो बच्चों की मां भी है। फिर भी उन्होंने अपने कम्पीटिशन और ट्रेनिंग के बीच समझौता नहीं किया।

navneet