दूल्हे ने सम्मान सहित लौटाए टीके के 11 लाख रुपए, दुल्हन के पिता हुये भावुक, शगुन में लिया सिर्फ 1 रुपया।

दूल्हे ने सम्मान सहित लौटाए टीके के 11 लाख रुपए, दुल्हन के पिता हुये भावुक, शगुन में लिया सिर्फ 1 रुपया।

राजस्थान के एक और दूल्हे ने शादी में शगुन में दी जाने वाली टीके (Teeka) की रकम वधू पक्ष को लौटाकर समाज में बड़ा संदेश (Big Message) दिया है.

दूल्हे प्रताप सिंह राठौड़ (Pratap Singh Rathore) ने दुल्हन के पिता की ओर से बतौर शगुन (टीका) दिये गये ढाई लाख रुपये लेने से इनकार कर युवा पीढ़ी के लिये मिसाल कायम की है.

दूल्हे के इस कदम की आज इलाके में न केवल चर्चा हो रही है बल्कि कई युवा उनके इस फैसले को अपनाने का मन बनाने लगे हैं.

हाल ही में जयपुर में भी एक दूल्हे ने टीके की 11 लाख रुपये की रकम लौटाकर बड़ा संदेश दिया था. राजस्थान के राजपूत समाज समेत विभिन्न समाजों में इस तरह के मामले अब तेजी से सामने आने लगे हैं.

 

इस बार मामला भीलवाड़ा, नागौर और सीकर तीनों जिले से जुड़ा है. मूलतया नागौर जिले की लाडनूं तहसील के कोयल गांव निवासी राजेंद्र सिंह राठौड़ के बेटे प्रताप सिंह की शादी बीते 9 फरवरी को हुई थी.

निजी क्षेत्र में कार्यरत प्रताप सिंह वर्तमान में भीलवाड़ा रहते हैं. वे भीलवाड़ा से सीकर के गांव दिवराला में नवल सिंह शेखावत की बेटी आकांक्षा शेखावत से ब्याहने आये थे.

पिता राजेंद्र सिंह राठौड़ से प्रेरित दूल्हे ने यूं किया इनकार

दिवराला के अणत सिंह भवन में हुये सामेला में दुल्हन के पिता नवल सिंह शेखावत ने दूल्हे प्रताप सिंह को शगुन के तौर पर 2.51 लाख रुपये भेंट किये. लेकिन दूल्हे प्रताप सिंह ने रकम को माथे के लगाकर ससम्मान यह कहकर वापस लौटा दिया कि वे इन बातों में विश्वास नहीं करते.

दूल्हे प्रताप सिंह ने कहा कि वे पिता राजेंद्र सिंह राठौड़ से प्रेरित हैं. उनकी सीख पर ही चलकर टीका लेने से इनकार किया है. वे शान शौकत व दिखावे से दूर फिजूलखर्ची में विश्वास नहीं करते. इस पर जितना जल्दी अंकुश लग जाये उतना ही बेहतर है.

 

शगुन में लिया 1 रुपया और नारियल

दूल्हे प्रताप सिंह ने शगुन में केवल 1 रुपया और नारियल लेकर राजपूत समाज में सादगी का संदेश दिया. सामेला रस्म में वधू पक्ष की ओर से सूबेदार गोवर्धन सिंह, मगन सिंह दशरथ सिंह और जय सिंह समेत उनके कई रिश्तेदार और ग्रामीण मौजूद थे.

दूल्हे के इस निर्णय की वहां मौजूद सभी लोगों ने काफी प्रशंसा की. वही वधू पक्ष लोग दूल्हे के इस निर्णय से भावुक हो गये. वधू पक्ष के अनुसार दूल्हे के इस निर्णय से उनके प्रति सम्मान और बढ़ गया है.

 

जयपुर में दूल्हे ने लौटाये थे 11 लाख रुपये

उल्लेखनीय है कि हाल ही में बीते 5 फरवरी को भी ऐसा ही एक मामला जयपुर में सामने आया था. मूलतया चूरू और वर्तमान में जयपुर रह रहे प्रोपर्टी कारोबारी विजय सिंह राठौड़ के बेटे शैलेन्द्र सिंह की शादी थी. शादी में वधू पक्ष की ओर से दूल्हे शैलेन्द्र सिंह को बतौर शगुन 11 लाख रुपये भेंट किये गये थे.

लेकिन दूल्हे के पिता और दूल्हे ने ससम्मान यह राशि वापस लौटा दी थी. शैलेन्द्र सिंह जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है.

Prakash Mali