जब वो 40 रन पर खेल रहा था तब…’ 72वें शतक के बाद माँ सरोज कोहली ने बताया ऐसा क्या हुआ, जिससे बदल गई विराट कोहली की जिंदगी

जब वो 40 रन पर खेल रहा था तब…’ 72वें शतक के बाद माँ सरोज कोहली ने बताया ऐसा क्या हुआ, जिससे बदल गई विराट कोहली की जिंदगी

News Desk :- आधुनिक क्रिकेट के महानायक विराट कोहली (Virat Kohli) का तोड़ ढूंढना अब मुश्किल से नामुमकिन होता जा रहा है. क्रिकेट के मैदान में ही नहीं वो मैदान से बाहर भी अपनी विराटता की छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं. राजधानी दिल्ली के एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे विराट कोहली विश्व का वो चर्चित चेहरा है, जिससे नफरत करने वालों की तादाद में शायद ही कोई देखने को मिले. उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में 72 शतक जड़कर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने की सुगबुगाहट दिखा दी है.

अब सिर्फ सचिन ही Virat Kohli से हैं आगे

बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया के सम्राट विराट कोहली ने 91 गेंदों में 113 रन ठोककर अपना 72वां शतक पूरा किया. विराट के बल्ले से ये शतक आने के बाद क्रिकेट जगत में खलबली मच गई. खलबली रिकार्ड्स के टूटने की थी. अब सिर्फ सचिन विराट कोहली से आगे हैं.

हालाँकि, सचिन तेंदुलकर को विराट कोहली (Virat Kohli) से कमतर बताना बेवकूफी भरा है. ऐसा इसलिए क्योंकि क्रिकेट में रिकार्ड्स टूटने के लिए बनते हैं लेकिन कुछ रिकार्ड्स बनने के बाद भी नहीं टूटते. सचिन वैसे रिकॉर्ड बनाने वाले दुनिया के एकमात्र क्रिकेटर हैं.  जैसे टेस्ट में डॉन ब्रैडमैन का 99.9 का बल्लेबाजी औसत का शायद ही टूट सकता है.

मां ने बताई विराट के दुख भरे सफर की दास्ता

वहीं, विराट कोहली (Virat Kohli) के टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है. विराट की माँ सरोज कोहली बताती हैं कि ‘विराट शाम में घर आया वो 40 रन पर नॉटआउट था. शाम को वो घर आकर सो गया काफी थका हुआ था, उसके पापा काफी बीमार थे, उनको ब्रेन हैमरेज हुआ था. रात को हमने देखा 2.30 बजे उसके पापा खत्म हो चुके थे. हमने विराट को बताया नहीं सुबह उठा जब उसने देखा तो वो रोने लग गया. कहता है कि अब मैं क्या करूं.’

सरोज कोहली ने आगे बताया “विराट ने अपने कोच राजकुमार शर्मा को फोन किया और उनसे पूछा कि सर अब मैं क्या करूं? उसके पापा का सपना था, उन्होंने ही विराट को इतनी मेहनत करवाई थी। विराट ने सोचा कि पापा का सपना पूरा हो रहा है अब मैंने इसे छोड़ना नहीं है। विराट ग्राउंड पर गया और उसने 98 रन बनाए। वहीं से वो पिता के अंतिम संस्कार में आया। बस यही वो मौका था जब वो एकदम से बदल गया।”

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