‘नाक टूट गया है, तुझे हॉस्पिटल जाना पड़ेगा…’ जब सचिन को घेरकर स्लेजिंग कर थे पाकिस्तानी खिलाडी, मास्टर ब्लास्टर ने दिखाया था संयम।

‘नाक टूट गया है, तुझे हॉस्पिटल जाना पड़ेगा…’ जब सचिन को घेरकर स्लेजिंग कर थे पाकिस्तानी खिलाडी, मास्टर ब्लास्टर ने दिखाया था संयम।

आप तो जानते ही होंगे कि सचिन तेंदुलकर भारत के महान बल्लेबाज है। ऐसे में सचिन तेंदुलकर से जुडा एक किस्सा सामने आया। जब नवंबर 1989 में पाकिस्तानी खिलाडीयों उन्हें घेरकर स्लेजिंग की थी। तब सचिन की उम्र महज 16 साल की थी।

बता दें कि तेज गेंदबाज वकार युनूस की तेज गेंद सचिन तेंदुलकर के नाक पर लग गई। जिस के बाद पास खडे जावेद मियांदाद ने स्लेजिंग करना शुरु कर दिया। ऐसे में पूरी पाकिस्तान की टीम सचिन का मनोबल तोडने में जूट गई थी।

उस समय सचिन ने यह भी याद किया कि, किस तरह से इमरान खान ने अपने खिलाडीयों पर फटकार लगाई थी। मास्टर ब्लास्टर ने इस बात का भी खुलासा किया कि किस वजह से उन्होंने चोटिल होने के बावजूद मैदान नहीं छोडा।

 

इंफोसिस के एक कार्यक्रम में सचिन तेंदुलकर को आमंत्रित किया गया। जहां उन्होंने बताया कि, ‘पाकिस्तान का मेरा पहला दौरा, हम चौथा टेस्ट खेल रहे थे, हमने पहले तीन ड्रॉ किए थे। चौथे टेस्ट की आखिरी पारी में हमारा स्कोर 36/4 था। वकार यूनिस की बाउंसर मेरी नाक पर लगी, मुझे हेलमेट पहनने की आदत नहीं थी और मेरे चेहरे पर चोट लग गई थी।’

उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैं अपनी नाक तुड़वा बैठा और मेरा खून बह रहा था। इसके बाद खेल रोकना पड़ा। अगर मैं मैदान छोड़कर चला जाता तो मैच में पूरी तरह पाकिस्तानियों का दबदबा कायम हो जाता।’

 

मास्टर ब्लास्टर ने बताया कि, ‘जावेद मियांदाद मुझसे टकराने की कोशिश कर रहे थे। कह रहे थे, ‘तेरा नाक टूट गया है, तेरे को अस्पताल जाना पड़ेगा।’ जिसके बाद इमरान खान ने उनसे कहा, ‘जावेद उन्हें अकेला छोड दो।’ फिर मैनें अपनी बल्लेबाजी जारी रखी।

वह मेरे लिए एक ऐसा क्षण था, जब मुझे लगा कि इस तरह की चोट या तो आपको बना सकती है या बिगाड सकती है। सियालकोट में इस विकेट पर भारत महज 38/4 रन पर सिमट गया था। इसके बाद यूनुस की एक गेंद और सचिन की नाक से काफी खून बहना, ऐसी सारी चीजें काफी मुश्किल लग रही थी।

इसके बावजूद सचिन तेंदुलकर ने अपने आप पर भरोसा जताया और पाकिस्तानी खिलाडीयों के सामने हार नही मानी। उन्होंने ड्रेसिंग रुप में इलाज के लिए वापस जाने की बजाए पूरे आत्मविश्वास से कहा, ‘मैं खेलूंगा!’

navneet